Most Sad Broken Heart Love Shayari

Most Sad Broken Heart Love Shayari 


लोग उदास शायरी तब पढ़ते हैं जब उनके जीवन में कुछ दुखद घटित होता है और वे दुखी महसूस करते हैं। खासकर तब जब किसी का दिल टूट गया हो। तोड़ने का दर्द किसी के लिए असहनीय होता है।


ऐसे टूटे हुए दिलों के लिए, हमने यहां कुछ बेहतरीन सद शायरी प्रस्तुत की हैं जो अपनी भावनाओं को व्यक्त करती हैं।


हमें दुखी भावनाओं और भावनाओं को अपने दिलों में नहीं रहने देना चाहिए और उन्हें व्यक्त करना चाहिए। और ये अद्भुत दुखद शायरी आपको ऐसा करने में मदद कर सकती है।


हमारे पास हिंदी और अंग्रेजी में आकर्षक दुख भरी शायरी, दुखद उद्धरण, दुखद संदेश, दुखद स्थिति, अपने दोस्तों या प्रेमियों के साथ साझा करने के लिए सबसे अधिक अभिव्यंजक छवियां हैं।


आप उन्हें सोशल मीडिया पर भी साझा कर सकते हैं और उन्हें अपने व्हाट्सएप स्टेटस या डीपी के रूप में सेट कर सकते हैं।


Hatheli Main Chupati Hun Tere Aansu Ka Har Katra

Ye Moti Hai Kahi Inko Yoon Mitti Main Giraate Hai


हथेली मैं छुपाती हूँ तेरे आंसू का हर कतरा

ये मोती है कही इनको यूं मिटटी मैं गिराते है



आइना अपना हमें कहते थे जो

वो हक़ीक़त देख के क्यों डर गए

थे मुक़द्दर मानते अपना हमें

आज़माया तो किनारा कर गए


Aaina Apna Hame Kahte The Jo

Wo Haqikat Dekh Ke Kyu Dar Gaye

The Mukaddar Mante Apna Hame

Aazmaya To Kinara Kar Gaye






आरज़ुएँ दबी जो रही उम्र भर

अब वो जीने का सामान होने लगी

सब मेरे शहर की महफिल रोशन

उनके जाते ही वीरान होने लगी


Aarzuyen Dabi Jo Rahi Umr Bhar

Ab Wo Jeene Ka Saman Hone Lagi

Sab Mere Shahar Ki Mahfile Roshan

Unke Jate Hi Veeran Hone Lagi




जब साथ नहीं तुम तो मह्सूस ये हुआ

हम जिस पर चल रहे है लम्बा वो रास्ता है

अरसा हुआ जिसे मैं भूल चूका हु

आज कैसे वो शख्स, किस्से मैं आ गया है


Jab Sath Nahi Tum To Mahsus Ye Hua

Ham Jis Par Chal Rahe Hai Lamba Wo Rasta Hai

Arsa Hua Jise Main Bhula Chuka Hu

Aaj Kese wo Shaks, Kisse Main Aa Gaya Hai




खामोश सा है रिश्ता बस बीच में हमारे

बोले न कुछ वो कभी मैंने न कुछ कहा है


Khamosh Sa hai Rishta Bas Beech Mai Hamare

Bole Na Kuch Wo Kabhi Mene Na Kuch Kaha Hai



कब तक लड़ूँ तक़दीर से

मेरे खुदा बतला ज़रा

जब चल रहे थे साथ हम

क्यों बीच में फासला बढ़ा


Kab Tak Ladoon Taqdeer Se

Mere Khuda Batla Zara

Jab Chal Rahe The Sath Ham

Kyu Beech Mein Fasla Badha


Broken Heart Love Shayari


तीरगी जब भी गमो की घेरती 

दीप चुपके से जलाता कौन है

पी गए जो प्रेम से उसने दिया

ज़हर को यूँ मुँह लगाता कौन है


Teergi Jab Bhi Gumo Ki Gherti 

Deep Chupke Se Jalata Kon Hai

Pee Gaye Jo Prem Se Usne Diya

Zahar Ko yun Muh Lagata Kaun Hai



अंधेरों से हमेशा जंग जीती

मगर हारे सदा रौशनी से


Andheron Se Hamesha Jung Jeeti

Magar Haare Sada Roshni Se



Dil Shayari


ये जो गमो की शाम है

ये शाम अखिरी है

यूं भर के अखिया

टपकते जो आंसू

वो कहते है, पीलो ये जाम आखिरी है

सफर आख़िरी है 

क़दम दो मिला लो

खुदा का दिया इंतज़ाम आखिरी है

तड़पते रहे पर 

सुकून था की इतना 

 गम ए ज़िंदगी का इनाम आखिरी है.


Ye jo gamo ki sham hai

Ye sham akhiri hai

Yu bhar ke akhiya

tapakte jo aansu

Wo kahte hai, pilo ye jaam akhiri hai

Safar akhiri hai 

Qadam do mila lo

Khuda ka diya intezaam akhiri hai

Tadapte rahe par 

Sukoon tha ki itna 

Game zindgi ka inaam akhiri hai.




वो शुमार था मेरी दुआओं का

उसे किसने अपना बना लिया 

वो शुमार था…………………..!

मेरी आँख किसने उजाड़ दी

मेरा ख्वाब किसने चुरा लिया

तुझे क्या बताये की

दिलनशी तेरे इश्क़ में

तेरी याद में कभी 

गुफ्तगू रही फूल से

कभी चाँद छत पे बुला लिया

मेरी जंग की वही जीत थी

वही फ़तेह थी 

वही जश्न था

मई गिरा हो तो दाऊद के उसने 

मुझे बाज़ुओ में उठा लिया

मेरी चाँद छूने की हसरते

मेरी खुशबू होने की ख्वाहिशे


तू मिला तो ऐसा लगा सनम..

मुझे जो तलब थी वो लिया


Wo shumaar tha meri duaao ka

Use kisne apna bana liya 

Wo shumaar thaa…………………..

Meri aankh kisne ujad di

Mera khwab kisne chura liya

Tujhe kya bataye ki

Dilnashi tere ishq me

Teri yaad me kabhi 

Guftgoo rahi phool se

Kabhi chand chhat pe bula liya

Meri jang ki wahi jeet thi

Wahi fateh thi 

Wahi jashn tha

Mai gira hu to daud ke usne 

Mujhe bazuo me utha liya

Meri chand chhune ki hasrate

Meri khushboo hone ki khwahishe

Tu mila to esa laga sanam..

Mujhe jo talab thi vo liya





 Sad Udasi Shayari 


सुनो देखो आज कितनी उदासी है

हवा भी थम सी गयी है

हर तरफ एक उदासी का आलम है

पत्तो की सरसराहट से कोई इस 

ख़ामोशी को चीर रहा है

कुछ तोड़ रहा है

परिंदों की चहचहाट भी

एक अजब सा एहसास दिला रही है

जैसे कोई बिछड़ने वाला हो

जैसे कोई टूटने वाला हो

और मेरे क़दम है की

जैसे जम से गए है.


Suno dekho aaj kitni udaasi hai

Hawa bhi tham si gayi hai

Har taraf ek udaasi ka alam hai

Patto ki sarsarahat se koi is 

Khamoshi ko chir raha hai

Kuchh tod raha hai

Parindo ki chahchahat bhi

Ek ajab sa ehsaas dila rahi hai

Jese koi bichhadne wala ho

Jese koi tutne wala ho

Aur mere qadam hai ki

Jese jam se gaye hai.



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